Married Woman Sex With Dog in Hindi

kutte ke saath aurat ki sexकुेनेकी मेरी पहली

Married Woman Sex With Dog in Hindi
Married Woman Sex With Dog in Hindi


चुदाई,कुेनेचूत मलंड फँसा िदया.टॉमी के मुँह पर सेसमीना का हाथ उसकी गदन पर आ गया और िफर

उसके पेट को सहलानेलगी। जब समीना की नज़र टॉमी की खुली और फ़ैली ई टाँगोंपर पड़ी… और उसे

वहाँवो ही चीज़ नज़र आयी िजसेवो थोड़ी देर पहलेअपनेपांव और सडल सेसहला रही थी। समीना की नज़र

उसी पर जम कर रह गयी… टॉमी के लंड पर! वो उसेदेखेजा रही थी… िबना िकसी और तरफ़ देखे… िबना

अपनी पलकझपकाये। वो सुखरंग का लंबा सा… चमकता आ िकसी ही की तरह ही लग रहा था। मगर

इस व बहोत ादा अकड़ा आ नहींथा िफ़र भी काफ़ी लंबा लग रहा था। करीब-करीब आठ इंच तो होगा

वो इस व भी। आगेसेिबुल पतला सा नोकदार और पीछेको जातेए मोटा होता जाता था… फैलता

जाता था। उसके लंड के अगलेसुराख मसेभी हा-हा पानी रस रहा था। समीना का हाथ अभी भी टॉमी

के िज पर था और उसकी पसिलयोंको सहला रहा था। समीना का हाथ आिहा-आिहा आगेको सरकने

लगा… टॉमी के लंड की तरफ़!


उसका िदल ज़ोर-ज़ोर सेधड़क रहा था। वो खुद को रोकना चाह रही थी मगर उसका िज उसके काबूम

नहींथा। हाथ आिहा-आिहा सरकता आ आगेको बढ़ रहा था। चंद लोंमही समीना का हाथ टॉमी के

लंड के करीब पँच चुका आ था। अपनेधड़कतेए िदल के साथ समीना नेअपनी उंगली सेउसके लंड की

नोक को छुआ और फ़ौरन ही अपना हाथ वापस खीचं िलया… जैसेउसमकोई करंट हो… या जैसेउसका लंड

उसकी उंगली को काट लेगा… या उसेडंक मार देगा! मगर टॉमी के लंड मज़रा सी हरकत पैदा होनेके िसवा

और कुछ भी नहींआ। उसका लंड वैसेका वैसेही उसकी रान के ऊपर पड़ा रहा।कुछ ही देर के बाद

समीना नेदोबारा सेअपनी उंगली सेटॉमी के लंड को छूना शु कर िदया। इस पोिज़शन मलेटेए समीना

का हाथ बड़ी ही मुल सेटॉमी के लंड तक पँच रहा था। कुछ सोच कर समीना थोड़ा सी हरकत करतेए

टॉमी के िज के िनचलेिहेकी तरफ़ सरक गयी। अब उसकी उंगली बड़ी आसानी के साथ टॉमी के पूरे

लंड पर सरक रही थी… उसेसहला रही थी। समीना नेटॉमी के चेहरेकी तरफ़ देखा मगर उस जानवर ने

कौनसा कोई अपनेचेहरेसेतासुरात देनेथेजो वो समीना की हरकत सेखुशी का इज़हार करता। येचुदाई

कहानी आप एड से कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहेहै।लेिकन एक बात की समीना को तसी थी िक

टॉमी कोई नापसंदीदगी भी नहींिदखा रहा था और उसी की तरफ़ देखतेए समीना के हाथ की पूरी उंगिलयाँ

उसके लंड के िगदिलपट गयी।ं बहोत ही गरम… िचकना-िचकना और स और लंबा और मज़बूत महसूस

हो रहा था उसेटॉमी का लंड। समीना नेउसेअपनेहाथ मलेकर आिहा-आिहा अपनी मुी के अंदर ही

उसेआगेपीछेकरना शु कर िदया। टॉमी का लंड उसकी मुी मआगेपीछेको सरक रहा था और उसके

लंड के िचकनेपन सेसमीना का हाथ भी िचकना हो रहा था। उसके लंड को महसूस करती ई वो उसका

मवाज़ना इंसानी लंड के साथ भी कर रही थी यानी अपनेशौहर के लंड के साथ और िबना िकसी चीज़ को नापे

वो आसानी सेकह सकती थी िक टॉमी का लंड उसके शौहर के लंड सेलंबा और मोटा है।

समीना के सहलानेसे… उसकी मुठ मारनेसे… टॉमी को भी शायद मज़ा आनेलगा था। वो पहलेतो उसी तरह

लेटा रहा मगर िफ़र अपनी जगह सेउठ कर खड़ा हो गया। समीना अभी भी टॉमी के करीब नीचेकापट पर ही

लेटी ई थी और अब टॉमी उसके सामनेखड़ा था। मगर अब समीना को उससेकोई भी… िकसी िक का भी

खौफ़ महसूस नहींहो रहा था। उसके अचानक उठ कर खड़ा होनेसेउसका लंड समीना के हाथ सेिनकल

गया था मगर उसेअपनी जगह सेकहींआगेना जातेए देख कर समीना नेएक बार िफ़र सेउसका लंड

पकड़ िलया और आिहा-आिहा उसेसहलानेलगी। टॉमी अगर अपनेलंड को अभी भी समीना के हाथ म

िदयेरखना चाहता था तो समीना का िदल भी उसके लंड को अपनेहाथ सेछोड़नेको नहींचाह रहा था। अब वो

नीचेकापट पर पड़ी ई टॉमी के पेट के नीचेउसके फ़र मसेखाल महो रहेए सुराख मसेिनकालतेए

लंड को देख रही थी… उसेछूरही थी और अपनेहाथ मलेकर एक बार िफ़र सेउसेआगे-पीछेकर रही थी।

टॉमी के लंड मसेिनकलनेवाला कोई लेसदार सा मवाद… साफ़ ज़ािहर हैिक… टॉमी की मनी ही थी वो…

िनकल-िनकल कर समीना के हाथ पर लग रही थी। येचुदाई कहानी आप एड से कहानी डॉट कॉम पर

पड़ रहेहै।मगर वो अपनी ही इस नयी दुिनया ममगन… उसेअपनेहाथ आयी ई येनयी चीज़ अी लग रही

थी। समीना को महसूस आ िक अब टॉमी का लंड पहलेकी िनत अकड़ चुका आ है… और भी स हो

चुका है! समीना का हाथ उसके लंड पर पीछेको जानेलगा… उसकी जड़ तक… और पीछेउसेकुछ और ही

चीज़ महसूस ई… कुछ मोटी सी… गोल सी… बहोत बड़ी सी! समीना अब थोड़ा और भी टॉमी के लंड की

तरफ़ सरक आयी। काफ़ी करीब पँच चुकी थी वो उसके लंड के और अब वो उसकी तरफ़ देखनेलगी। ये

टॉमी के लंड का आखरी िहा था जोिक िकसी गद की तरह मोटा और फूला आ था… मुग के अंडेके

िजतना मोटा और बड़ा। अब बहोत करीब सेटॉमी का लंड देखनेपर उसेऔर भी येअजीब लग रहा था। लंबा

सा मोटा सा हिथयार था कुेका िजस पर छोटी-छोटी रग़ही रग़थी…. ं गहरेनीलेरंग की! उन गहरी नीली रग़ों

की तादाद इतनी ादा थी उसके लंड पर िक उसके लंड का सुखरंग अब जामुनी सा हो रहा था।

अपनेहाथ मपकड़ कर टॉमी के सुखलंड को सहलातेए समीना की नज़रोंमवो तमाम िफ़चल रही थीं

जानवरोंसेचुदाई की जो उसनेपहलेदेख रखी थी।ं उसके िदमाग मघूम रहा था िक कैसेऔरतकुोंके ल

मुँह मलेकर चूसती ह… कैसेउसेअपनी ज़ुबान सेचाटती ह! पहलेजब उसनेयेसब देखा था तो उसेहैरत

होती थी मगर अब इस व हक़ीक़त मएक कुेका लंड अपनेहाथ मपकड़ कर उसेसहलातेए उसका

ज़हन कुछ बदल रहा था। अब उसेइतना अजीब नहींलग रहा था। ब उसका िदल चाह रहा था िक आज

एक बार… िसफ़ एक बार… पहली और आखरी बार…more

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